सूरह Az-Zalzala पढ़ें

सूरह Az-Zalzala (الزلزلة) क़ुरआन की एक मदनी सूरह सूरह है जिसमें 8 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

28 अक्टूबर 2026 को 00h24 बजे अपडेट किया गया

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सूरह Az-Zalzala अंकों में

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(मदनी सूरह)
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आयतें
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मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 0
رب 1

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

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الزلزلة · जुज़ 30
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سورة الزلزلة
जुज़ 30 82.6% (466/564)
हिज़्ब 60 66.0% (190/288)

إِذَا زُلْزِلَتِ ٱلْأَرْضُ زِلْزَالَهَا ﴿1﴾

जब ज़मीन बड़े ज़ोरों के साथ ज़लज़ले में आ जाएगी

وَأَخْرَجَتِ ٱلْأَرْضُ أَثْقَالَهَا ﴿2﴾

और ज़मीन अपने अन्दर के बोझे (मादनयात मुर्दे वग़ैरह) निकाल डालेगी

وَقَالَ ٱلْإِنسَـٰنُ مَا لَهَا ﴿3﴾

और एक इन्सान कहेगा कि उसको क्या हो गया है

يَوْمَئِذٍۢ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا ﴿4﴾

उस रोज़ वह अपने सब हालात बयान कर देगी

بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا ﴿5﴾

क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगा

يَوْمَئِذٍۢ يَصْدُرُ ٱلنَّاسُ أَشْتَاتًۭا لِّيُرَوْا۟ أَعْمَـٰلَهُمْ ﴿6﴾

उस दिन लोग गिरोह गिरोह (अपनी कब्रों से) निकलेंगे ताकि अपने आमाल को देखे

فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًۭا يَرَهُۥ ﴿7﴾

तो जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर नेकी की वह उसे देख लेगा

وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍۢ شَرًّۭا يَرَهُۥ ﴿8﴾

और जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर बदी की है तो उसे देख लेगा

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 22 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 22 جمادى الأولى
التربيع الأخير अंतिम तिमाही दिन 23.4 / 29.5
रोशनी 37%
6 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद