सूरह Al-Falaq (الفلق) क़ुरआन की एक मक्की सूरह सूरह है जिसमें 5 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।
28 अक्टूबर 2026 को 00h24 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयSurah of protection against evil
पूरा पृष्ठ पढ़ें : सूरह Al-Falaq पढ़ें →
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلْفَلَقِ ﴿1﴾
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की
مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿2﴾
हर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह माँगता हूँ
وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿3﴾
और अंधेरीरात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाए
وَمِن شَرِّ ٱلنَّفَّـٰثَـٰتِ فِى ٱلْعُقَدِ ﴿4﴾
और गन्डों पर फूँकने वालियों की बुराई से
وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ﴿5﴾
(जब फूँके) और हसद करने वाले की बुराई से